त्विषा शर्मा मामले में: हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत रद्द करने के एक दिन बाद CBI

Twisha Sharma Case: CBI Arrests Mother-in-Law Giribala Singh A Day After HC Cancels Anticipatory Bail

भोपाल, मध्य प्रदेश – केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिवंगत ट्विषा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब हाईकोर्ट ने पिछले कुछ समय पहले एक निचली अदालत द्वारा दी गई गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया था। CBI की टीम गुरुवार को गिरिबाला सिंह के आवास पर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला दहेज प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय दंड विधान की कुछ संबंधित धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 80(2) दहेज मृत्यु के लिए दंड, धारा 85 शादीशुदा महिला पर पति या उसके रिश्तेदार द्वारा क्रूरता के लिए दंडनीय प्रावधान, और धारा 3(5) संयुक्त आपराधिक जिम्मेदारी से संबंधित है।

गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द

15 मई को एक सेशंस कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत प्रदान की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इस जमानत को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने 17 पेज के निर्णय में मामले के तथ्यों और आरोपों का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया। न्यायाधीश देव नारायण मिश्रा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि ट्विषा शर्मा को मौत से पहले अतिरिक्त चोटें आई थीं, जो तब हुई थीं जब इस महिला का शव लिगेटर से निकाला जा रहा था या अस्पताल ले जाया जा रहा था।

ट्विषा के परिवार ने हाईकोर्ट के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि न्याय हुआ है। पीड़ित परिवार के अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि गिरिबाला, जो 36 वर्षों से न्यायिक प्रणाली का हिस्सा रही हैं, को अब जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर उन्हें कानून और न्याय की इज्जत है तो उन्हें तुरंत सीबीआई के समक्ष आत्मसमर्पण करना चाहिए और आगे की जांच में पूरा सहयोग देना चाहिए।”

ट्विषा के ससुराल वालों पर दहेज और मानसिक प्रताड़ना का आरोप

ट्विषा के परिवार ने गिरिबाला और उनके पुत्र समर्थ सिंह पर दहेज संबंधी परेशानियों और गंभीर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि गिरिबाला ने अपने कानूनी अनुभव का इस्तेमाल करके मामले के गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित किया है।

हालांकि, 18 मई को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरिबाला ने सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ट्विषा ड्रग्स की आदी थी, जिसे पीड़ित परिवार ने पूरी तरह खारिज किया। गिरिबाला, जो भोपाल के एक उपभोक्ता न्यायालय की अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि ट्विषा के परिवार वाली उनकी बदनामी करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “हम किसी पर दबाव नहीं डाल रहे हैं, बल्कि उसकी परतें मामला प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।”

इधर पुलिस ने गिरिबाला के भोपाल स्थित आवास से सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो कर रही है और यह जांच जारी है।

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