जबलपुर, मध्य प्रदेश। ट्विशा शर्मा मामले की मंगलवार को हुई अदालत में सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की पुलिस रिमांड की मांग नहीं की, जिसके बाद अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने मीडिया ट्रायल को लेकर अदालत में गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि वे जहां भी जाते हैं, मीडिया टीम उनके पीछे रहती है, जिससे उनके परिवार की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। गिरिबाला ने कोर्ट से अनुरोध किया कि ऐसी कवरेज पर रोक लगाई जाए क्योंकि उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा महसूस हो रहा है।
इसके अलावा गिरिबाला ने हाल ही में हुई सीन-रीक्रिएशन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने अदालत को बताया कि उन्हें उनके घर के लगभग तीन मकान पहले ही उतार दिया गया था और मीडिया को उस दौरान की फुटेज उपलब्ध कराई गई। उनका कहना था कि अगर जांच एजेंसी को उनके घर जाना था तो वाहन सीधे उनके घर के सामने भी रोका जा सकता था।
सीबीआई की ओर से इस दौरान अदालत को बताया गया कि फिलहाल पुलिस रिमांड की मांग नहीं की जा रही है, लेकिन जांच में यदि आवश्यकता हुई तो इसे बाद में मांगा जा सकता है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस भी देखी गई।
गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ जबलपुर कोर्ट परिसर में मारपीट की गई थी। इस दावे को ट्विशा पक्ष के वकीलों ने खारिज कर दिया और कहा कि जबलपुर कोर्ट परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, यदि ऐसी कोई घटना हुई है तो फुटेज की जांच कराई जा सकती है। उन्होंने समर्थ सिंह से कोर्ट परिसर में अपनी उपस्थिति स्पष्ट करने को भी कहा।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क कोर्ट में रखे। अब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रहेंगे जबकि जांच एजेंसी मामले की गहराई से जांच जारी रखेगी। अदालत की यह कार्रवाई मामले की अगले पड़ावों की प्रतीक्षा कर रही है।
