
पश्चिम बंगाल में बड़ा बदलाव | 35 नए मंत्रियों ने ली शपथ | West Bengal Cabinet Expansion 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार में सोमवार को 35 नए मंत्रियों ने शपथ ग्रहण किया। कोलकाता स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद यह पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार प्रशासन को और मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से यह विस्तार किया गया है।
शपथ लेने वाले प्रमुख नेताओं में शंकर घोष, स्वपन दासगुप्ता, अर्जुन सिंह, तपस राय, दीपक बर्मन, मनोज कुमार उरांव, गौरी शंकर घोष और अशोक डिंडा जैसे नाम शामिल हैं। कई नए और पुराने नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य के विकास कार्यों को तेज गति देने के लिए एक मजबूत टीम की आवश्यकता थी और यह विस्तार उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रिमंडल में उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल, जंगलमहल तथा कोलकाता क्षेत्र के नेताओं को शामिल कर क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। साथ ही पार्टी के पुराने नेताओं और हाल के वर्षों में भाजपा में शामिल हुए नेताओं के बीच भी संतुलन रखा गया है।
हालांकि आज सभी मंत्रियों ने शपथ ले ली, लेकिन किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलेगा इसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। माना जा रहा है कि वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, परिवहन और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों का बंटवारा जल्द किया जाएगा।
गौरतलब है कि 9 मई 2026 को शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उस समय केवल कुछ मंत्रियों को ही शपथ दिलाई गई थी। आज के विस्तार के बाद राज्य सरकार का मंत्रिमंडल लगभग पूर्ण स्वरूप में सामने आ गया है।
राजनीतिक गलियारों में अब सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि नए मंत्रियों को कौन-कौन सी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी और सरकार अपने चुनावी वादों को कितनी तेजी से लागू कर पाएगी।
राज्य की जनता की नजर अब नई मंत्रिपरिषद के कामकाज पर रहेगी। आने वाले दिनों में प्रशासनिक फैसले, विकास परियोजनाएं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे इस नई टीम की सबसे बड़ी परीक्षा होंगे।
फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन एक महत्वपूर्ण दिन के रूप में दर्ज हो गया है, जहां 35 नए चेहरों के साथ सरकार ने अपने प्रशासनिक ढांचे को और विस्तारित किया है।
