शालतोड़ा में EVM विवाद: BJP उम्मीदवार चंदना बाउरी का बड़ा आरोप, बोलेरो गाड़ी घेरकर हंगामा

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शालतोड़ा में EVM को लेकर हंगामा, बीजेपी उम्मीदवार चंदना बाउरी का आरोप

शालतोड़ा में EVM को लेकर हंगामा, बीजेपी उम्मीदवार चंदना बाउरी का आरोप

शालतोड़ा, पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव के बीच पश्चिम बंगाल के शालतोड़ा इलाके में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब एक वाहन में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) देखे जाने के बाद भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में रहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार चंदना बाउरी, जिन्होंने प्रशासन और सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम तिलुड़ी के पास एक बोलेरो वाहन को स्थानीय लोगों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। आरोप है कि उस वाहन में कई EVM मशीनें मौजूद थीं। जैसे ही यह खबर फैली, इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

बीजेपी उम्मीदवार चंदना बाउरी ने आरोप लगाया कि वाहन में केवल EVM ही नहीं बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के झंडे भी पाए गए। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी साजिश चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के उद्देश्य से रची गई है। उनके अनुसार, मतदान के बाद इस्तेमाल की गई EVM को बदलकर दूसरी मशीनें रिसीविंग सेंटर तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।

चंदना बाउरी ने कहा कि यह लोकतंत्र के साथ सीधा खिलवाड़ है और यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो वे और उनके समर्थक उग्र कदम उठाने को मजबूर होंगे। उन्होंने यहां तक चेतावनी दी कि यदि चुनाव आयोग के अधिकारी तुरंत मौके पर नहीं पहुंचे तो वाहन को आग के हवाले कर दिया जाएगा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचना पड़ा। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने लोगों को शांत रहने की अपील की और पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया।

इस विवाद को लेकर सौमित्र खां, जो विष्णुपुर से बीजेपी सांसद हैं, ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में प्रशासन के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। सौमित्र खां ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन इस तरह की घटनाएं गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अगर चुनाव आयोग ने इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाया तो बीजेपी राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ सकती है। उनके अनुसार, यह केवल एक घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित प्रयास का हिस्सा हो सकता है।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया गया है। पार्टी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि बीजेपी हार के डर से इस तरह के आरोप लगा रही है और माहौल को जानबूझकर खराब करने की कोशिश कर रही है।

चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वाहन में मौजूद EVM किस बूथ से संबंधित थीं और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, हर बार चुनाव आयोग ने जांच कर उचित कदम उठाने का दावा किया है।

इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं और किसी भी प्रकार की धांधली को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

अब सभी की नजर चुनाव आयोग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह साफ हो सके कि यह घटना महज एक गलतफहमी थी या वास्तव में किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।