निकाले गए बीपी अध्यक्ष ने अपने व्यवहार के बारे में ‘झूठ’ पर दिया जोरदार जवाब

Ousted BP chairman hits back at 'lies' about his behaviour

London, UK

अल्बर्ट मैनफील्ड, जो कि बीपी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, ने अपने कार्यकाल के दौरान उनके व्यवहार के बारे में लगाए गए आरोपों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मैनफील्ड ने विशेष रूप से कहा कि किसी को भी उनके समय के बारे में टिप्पणी करते हुए अज्ञात रहकर छिपने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।

उनका यह बयान तब आया जब बीपी के बोर्ड और कर्मचारियों के बीच मतभेद और विवाद चर्चा में आए, जिससे कंपनी की छवि पर असर पड़ा है। मैनफील्ड ने इस अवसर पर स्पष्ट कर दिया कि जो लोग उनके खिलाफ बयान दे रहे हैं, वे व्यक्तिगत हमलों और असत्यापित सूचनाओं के आधार पर ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्य को सामने लाने के लिए वे तैयार हैं और इस विषय पर किसी भी स्तर की धूर्तता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि जब वह बीपी के अध्यक्ष थे, तो कंपनी के उन्नयन और वैश्विक ऊर्जा बाजार में कंपनी की रणनीति के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उनके कार्यकाल में बीपी ने कई बड़े परियोजनाएं आरंभ कीं, जिससे कंपनी की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। मैनफील्ड ने कहा कि कंपनी के भविष्य के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण और पारदर्शिता को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

इस मामले ने बीपी के आसपास चर्चा को और बढ़ा दिया है कि कैसे बड़े संगठन में नेतृत्व और जवाबदेही की भूमिका निभाई जाती है। मैनफील्ड ने सभी हितधारकों से अपील की है कि वे व्यक्तिगत आरोपों से ऊपर उठकर तथ्यात्मक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से इस विषय पर विचार करें।

कंपनी के उच्च पदाधिकारियों ने भी मैनफील्ड के बयान का समर्थन किया है और कहा है कि बीपी में सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रति सम्मान और पारदर्शिता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। इस विवाद के बावजूद, ऊर्जा कंपनी ने अपने ग्राहकों और निवेशकों को विश्वास दिलाया है कि वे अपने कामकाज में ईमानदारी और गुणवत्ता को केंद्र में रखेंगे।

इस घटना ने यह संकेत दिया है कि बड़ी कंपनियों में नेतृत्व की आलोचना होना आम है, लेकिन इसका जवाब संयम और स्पष्टता से देना विकास के मार्ग को बेहतर बना सकता है। मैनफील्ड की प्रतिक्रिया ने बीपी की प्रबंधन शैली और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया है।

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