यह केवल गाने नहीं हैं, इलाईयाराजा मनजानाथी के भी अभिन्न अंग हैं, कहते हैं मारी

It is not just songs, Ilaiyaraaja is also integral to Manjanathi, says Mari Selvaraj

चेन्नई, तमिलनाडु – भारतीय सिनेमा जगत में संगीत का महत्व अत्यंत है और इसके क्षेत्र में इलाईयाराजा नाम सदैंव सम्मानित रहा है। हाल ही में चर्चित फिल्म “मनजानाथी” के निर्देशक मारी सेल्वराज ने एक दिलचस्प घोषणा की कि उन्होंने अपनी फ़िल्म के लिए संगीत की रचना के लिए इलाईयाराजा को चुना है।

मारी सेल्वराज ने साझा किया, “जब भी मनजानाथी नाम मेरे मन में आता था, तो मैं उसे फ़िल्म में रूपांतरित करने का विचार करता था। उस वक्त मैंने पहले ही सोच लिया था कि इस फ़िल्म के संगीत के लिए महान संगीतकार इलाईयाराजा से संपर्क करूंगा। जब मैंने उनसे मुलाकात की और कहानी सुनाई, तो उन्होंने खुशी-खुशी इस परियोजना में संगीत देने के लिए सहमति जताई।”

यह बयान यह स्पष्ट करता है कि इलाईयाराजा केवल एक संगीतकार नहीं हैं, बल्कि “मनजानाथी” जैसी फिल्मों के संगीत का अभिन्न हिस्सा हैं। मारी सेल्वराज के निर्देशन में बनने वाली इस फ़िल्म की संगीत रचना में इलाईयाराजा की भूमिका दर्शकों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगी।

इलाईयाराजा, जिन्हें भारतीय संगीत जगत में एक अद्वितीय स्थान प्राप्त है, ने पिछले दशकों में कई श्रुति-आधारित और भावपूर्ण गीतों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीता है। उनका संगीत सिर्फ गानें नहीं, बल्कि कहानी कहने का एक माध्यम होता है, जो फिल्म की भावना को गहराई प्रदान करता है।

निर्देशक मारी सेल्वराज की यह पहल भारतीय सिनेमा में नए प्रयोग और सांगीतिक समृद्धि की ओर एक कदम है। इस सहयोग से “मनजानाथी” एक बेहतरीन सिनेमा अनुभव बनने की संभावना रखती है जो न केवल कहानी बल्कि संगीत के माध्यम से भी दर्शकों को जोड़ पाएगी।

प्रशंसक और फिल्म प्रेमी अब इस फ़िल्म के संगीत की प्रतीक्षा में हैं, यह जानने के लिए कि कैसे इलाईयाराजा की सांगीतिक जादू “मनजानाथी” की कहानी को और भी जीवंत बना देगा। ऐसे मिलन से उम्मीद की जाती है कि यह फ़िल्म तमिल सिनेमा में एक नया मुकाम स्थापित करेगी।

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