Nepal has also encroached upon Indian territory, says PM Balendra Shahनेपाल ने भी भारतीय सीमा

Nepal has also encroached upon Indian territory, says PM Balendra Shah

काठमांडू, नेपाल – नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के विधायकों ने प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह की उस टिप्पणी पर आपत्ति व्यक्त की है जिसमें उन्होंने कहा था कि नेपाल ने भी भारतीय सीमा में अनधिकृत घुसपैठ की है। विधायकों ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि वे स्पष्ट करें कि नेपाल ने भारतीय क्षेत्र किस स्थान पर एवं किस प्रकार घुसपैठ की है। साथ ही उन्होंने इस बयान को सरकारी रिकॉर्ड से हटाने की भी मांग की है।

प्रतिनिधि सभा में सदस्यों ने कहा कि ऐसे बयान दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ावा देते हैं और द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वे भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने में सहयोग करें और सीमाओं से संबंधित किसी भी विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का रास्ता अपनाएं।

प्रधान मंत्री बलेंद्र शाह द्वारा यह बयान एक जटिल स्थिति उत्पन्न कर सकता है क्योंकि नेपाल और भारत के बीच कई दशकों से सीमा विवाद जारी हैं। दोनों देशों के बीच विभिन्न स्थानों पर सीमांकन को लेकर मतभेद हैं, लेकिन सरकारों ने इसे शांतिपूर्ण तरीके से हल करने पर जोर दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के बयान राजनीतिक लाभ के लिए दिये गए हो सकते हैं, लेकिन इससे क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी समझदारी को नुकसान पहुंचता है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, लेकिन दोनों देशों के बीच संबंधों को ध्यान में रखते हुए इसे संभालने की आवश्यकता है।

पूर्व में भी नेपाल और भारत के बीच सीमा निर्धारण को लेकर मतभेद सामने आए हैं, जिनका समाधान निकालने के लिए कई संयुक्त कमेटियां और वार्ता आयोजित की गई हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और विपक्षी दल इसे लेकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं।

विधायकों की मांग है कि सरकार संबंधित बयानों की सत्यता जांचे तथा भविष्य में ऐसी विवादास्पद टिप्पणियों से बचा जाए जो दोनों देशों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंधों में बाधा डाल सकें। नेपाल में सार्वजनिक रूप से भी इन टिप्पणियों पर चिंता जताई जा रही है कि इससे भारत-नेपाल के पारंपरिक मित्रता संबंधों को नुकसान पहुँच सकता है।

इस विवाद की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का एक बार फिर से आह्वान किया जा रहा है ताकि क्षेत्रीय शांति और सहयोग बना रहे।

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