जम्मू, जम्मू-कश्मीर – जम्मू-कश्मीर के उप मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने रविवार को कहा कि 3 जून को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा राष्ट्रीय कांफ्रेंस के सभी विधायकों की बैठक बुलाना एक नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य प्रशासन एवं पार्टी प्रतिबद्धताओं की समीक्षा करना है।
यह बैठक पार्टी की कार्यप्रणाली और शासन की समीक्षा के लिए नियमित रूप से आयोजित की जाती है, ताकि जनता की समस्याओं पर विचार किया जा सके। सचिवालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सभी विधायकों और मंत्रियों को एकत्रित कर इस बैठक का आयोजन किया है।
उन्होंने कहा, “यह बैठक एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इसमें मंत्री अपने-अपने विभागों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी देंगे, जबकि विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में हुए कार्यों की प्रगति पर चर्चा करेंगे।” चौधरी ने आगे बताया कि चर्चा के दौरान बेरोजगारी, पार्टी के घोषणा पत्र में किए गए वादों की स्थिति, पूरी हुई प्रतिबद्धताएं तथा शेष बचे मुद्दों की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि बैठक का लक्ष्य पार्टी को मजबूत करना और जनता से किए गए वादों को प्रभावी ढंग से लागू करना है। इससे पहले, चौधरी ने ग्रेटर कैलाश क्षेत्र में पिछले साल आई बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त एक पुल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे विकास कार्यों को राजनीति का विषय न बनाएं।
चौधरी ने कहा, “मैं यहां पुल का उद्घाटन करने आया हूं और इसके बाद चला जाऊंगा। कृपया इस विषय पर राजनीति न करें। हमारा एकमात्र ध्यान जनता के कल्याण पर होना चाहिए, और हम इसके लिए जवाबदेह हैं।” साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार सभी समाजिक वर्गों के लिए काम कर रही है, चाहे उनके राजनीतिक मत भले ही अलग हों।
उन्होंने कहा, “लोगों ने सरकार का समर्थन किया है, कुछ लोगों ने हमें वोट दिया है और कुछ नहीं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम उन लोगों के लिए काम नहीं करेंगे जो हमारा समर्थन नहीं करते। ग्रेटर कैलाश में हमारा कोई उम्मीदवार नहीं था, लेकिन मैं यहां आया और जनता की सुविधा के लिए पुल का निर्माण कराया।”
यह बैठक पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे न केवल प्रशासनिक कार्यकुशलता में सुधार होगा बल्कि जनता के साथ पार्टी की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। यह सामाजिक समरसता और प्रतिबद्धता का परिचायक है जहां सभी वर्गों के लिए विकासात्मक कार्य प्राथमिकता हैं।
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में ऐसे नियमित कार्यक्रम पार्टी के संगठन को मजबूत करने और जनसुनवाई एवं शासन की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक साबित होते हैं। उप मुख्यमंत्री के इन बयानों से साफ संकेत मिलता है कि पार्टी शासन एवं विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना चाहती है।
