Breaking News
Maternity need not be proved through DNA test before donating kidney to child: Madras High Court

मदरसेल शेयर्ड किडनी के लिए डीएनए परीक्षण अनिवार्य नहीं: मद्रास हाईकोर्ट का निर्णय

चेन्नई, तमिलनाडु। मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि बच्चे को किडनी दान करने के लिए मातृत्व का प्रमाण देने हेतु डीएनए परीक्षण आवश्यक नहीं है। न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाली बेंच ने पश्चिम बंगाल के एक मां-बेटे को राहत प्रदान की, जो चेन्नई में किडनी प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांटेशन) सर्जरी करवाने का इच्छुक थे। यह मामला तब सामने आया जब मां ने अपने बेटे को किडनी दान करने की इच्छा जताई। हालांकि, प्रत्यारोपण से पहले अस्पताल ने मां की मातृत्व की पुष्टि हेतु डीएनए टेस्ट करवाने की मांग की। मां ने इस मांग को अनुचित बताया और न्यायालय का रुख किया। अदालत ने…

dainikdeshsandeshnews@gmail.com
Borrowing in April hit highest level since Covid

अप्रैल में कोविड के बाद से सबसे उच्च स्तर पर उधार लेना

नई दिल्ली, भारत – अप्रैल महीने में उधार लेने की दर कोविड-19 महामारी के बाद सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले महीने की तुलना में उधार लेने की प्रवृत्ति में वृद्धि मुख्य रूप से बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और उपभोक्ता मांग के कारण हुई है। वहीं, रिटेल बिक्री में गिरावट देखी गई है, जो सीधे तौर पर ईंधन की बढ़ती कीमतों से जुड़ी हुई है। ईंधन की महंगाई ने उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता को प्रभावित किया है, जिससे छोटी और मध्यम दुकानों में बिक्री कम हुई है। आर्थिक जानकार बताते हैं कि उधार लेने में वृद्धि का अर्थ यह भी हो सकता है…

dainikdeshsandeshnews@gmail.com
Infants in Telangana have better survival odds, IMR at 17 against national average 24

तेलंगाना में शिशुओं के जीवित रहने की संभावना बेहतर, IMR 17 है राष्ट्रीय औसत 24

केरल, भारत – देश के बड़े राज्यों में शिशु मृत्यु दर (IMR) के आंकड़ों में केरल ने एक बार फिर सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। केरल में शिशु मृत्यु दर केवल 8 है, जो देश में सबसे कम है और इसे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जन जागरूकता की सफलता माना जा रहा है। दिल्ली और तमिल नाडु ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, दोनों राज्यों की शिशु मृत्यु दर 11 दर्ज की गई है। ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि इन राज्यों में मातृ और शिशु स्वास्थ्य सुधारों की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी हैं। शिशु मृत्यु दर का मतलब है एक हजार जीवित बच्चों में से कितने बच्चे…

dainikdeshsandeshnews@gmail.com