Sameer Rahat recasts Urdu poetry in electronic sound

समीर राहत ने उर्दू शायरी को इलेक्ट्रॉनिक संगीत में फिर से जीवित किया

इंदौर, मध्य प्रदेश – समीर, प्रसिद्ध कवि राहत इंदोरी के सुपुत्र, ने अपने नवीनतम अल्बम ‘रोज़-मरा’ का अनावरण किया है, जो जीवन की रोज़मर्रा की साधारण गतिविधियों में नई ऊर्जा भरता है। यह परियोजना सुनने वालों के लिए एक नया अनुभव लेकर आई है, जहाँ पारंपरिक उर्दू शायरी को इलेक्ट्रॉनिक संगीत के साथ मिश्रित किया गया है। समीर ने बताया कि उनकी यह कोशिश पारंपरिक शायरी और आधुनिक संगीत के बीच एक सेतु बनाने की एक पहल है, जिससे युवा पीढ़ी को शायरी की खूबसूरती से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि उनके पिता, राहत इंदोरी की कविताओं में भावनात्मक गहराई है, जिसे उन्होंने अपने कॉन्सेप्ट में बरकरार रखते हुए…

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How Tagore’s songs were ahead of their time in form and feeling

कैसे टैगोर के गीत अपने समय से आगे थे रूप और अनुभूति में

कोलकाता, पश्चिम बंगाल — नॉबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के गीत, जिन्हें आमतौर पर रबींद्र संगीत कहा जाता है, आज भी उतने ही प्रासंगिक और जीवंत हैं जितने वे उनके रचित समय में थे। ये गीत न केवल संगीत की दृष्टि से अद्वितीय हैं, बल्कि भावनाओं और विषयों की गहराई में भी विशिष्ट हैं। आज उनके 165वें जन्मदिवस पर, हम उनकी संगीत रचना की विशेषताओं और इसके सदाबहार महत्व पर एक नज़र डालते हैं। रबींद्र संगीत को पारंपरिक भारतीय संगीत की समृद्ध धारा में एक विशेष स्थान प्राप्त है। टैगोर ने इन गीतों के माध्यम से स्वतंत्रता, प्रेम और मानवता जैसे विषयों को बड़ी संवेदनशीलता और गहराई से प्रस्तुत किया।…

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Remembering Pt. Chatur Lal, a pioneer who introduced the tabla to the world

पं. चतुर लाल: तबले को विश्व मंच पर पहचान दिलाने वाले श्रेष्ठ कलाकार

दिल्ली, दिल्ली पं. चतुर लाल के जन्म शताब्दी के अवसर पर दिल्ली के सफदरजंग की समाधि पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें न केवल उनकी संक्षिप्त लेकिन उज्ज्वल जीवन यात्रा का सम्मान किया गया, बल्कि उनकी संगीत प्रतिभा को भी श्रद्धांजलि दी गई। यह अवसर संगीत प्रेमियों और विश्वसंगीत के जानकारों के लिए एक यादगार पल साबित हुआ। पं. चतुर लाल का नाम तबले के क्षेत्र में जन-जन के दिलों में अमिट छाप छोड़ने वाले कलाकारों में गिना जाता है। उन्होंने न केवल भारतीय संगीत को उच्चतम शिखर तक पहुंचाया, बल्कि तबले की मधुरता और विविधता को भी दुनियाभर में फैलाया। समारोह में विभिन्न प्रसिद्ध संगीतकारों और…

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